भारत 100 देशों को करेगा EV एक्सपोर्ट: PM MODI

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“PM MODI ने कहा है कि भारत अब 100 देशों को इलेक्ट्रिक वाहन (EV) एक्सपोर्ट करने की तैयारी कर रहा है।”

उन्होंने इसे भारत की ऑटो इंडस्ट्री के लिए “नई सफलता की कहानी” बताया। यह ऐलान उन्होंने ET World Leaders Forum 2025 में किया, जहाँ उन्होंने भारत की मैन्युफैक्चरिंग और रिसर्च क्षमता को देश की सबसे बड़ी ताकत बताया।

ऑटो एक्सपोर्ट्स में दोगुनी बढ़ोतरी

मोदी ने कहा कि पिछले दशक में भारत के ऑटो एक्सपोर्ट्स ₹50,000 करोड़ (2014) से बढ़कर ₹1.2 लाख करोड़ तक पहुँच गए हैं। कारों और टू-व्हीलर के अलावा अब भारत मेट्रो कोच, रेल कोच और लोकोमोटिव भी दुनिया को सप्लाई कर रहा है। EV एक्सपोर्ट इस सफर का अगला बड़ा कदम होगा।

EV एक्सपोर्ट का महत्व

  • भारत को सिर्फ घरेलू मार्केट ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर EV हब बनाने की तैयारी।
  • ऑटोमोबाइल कंपनियों को रिसर्च, डिजाइन और क्वालिटी पर ज्यादा निवेश करना होगा ताकि वे अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरी उतर सकें।
  • सरकार 26 अगस्त को EV एक्सपोर्ट मिशन से जुड़ा स्पेशल प्रोग्राम लॉन्च कर सकती है।

आर्थिक संकेत और आत्मनिर्भरता

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत को केवल “इंपोर्टेड रिसर्च” पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। उन्होंने बताया कि:

  • जून 2025 में 22 लाख नई नौकरियों का रिकॉर्ड बना।
  • महंगाई 2017 के बाद सबसे निचले स्तर पर है।
  • फॉरेक्स रिज़र्व रिकॉर्ड ऊँचाई पर है।
  • सोलर मैन्युफैक्चरिंग क्षमता 2014 में 2.5 GW से बढ़कर अब 100 GW हो चुकी है।

इंडस्ट्री के लिए क्या मायने?

यह कदम भारत के ऑटो सेक्टर को ग्लोबल पहचान देगा। जिन कंपनियों की पहले से ग्लोबल मौजूदगी है उन्हें फायदा होगा, जबकि बाकी कंपनियों को नई टेक्नोलॉजी और इनोवेशन में तेजी से निवेश करना होगा।

मोदी के शब्दों में – “भारत की मज़बूत नींव हमें तेजी से बदलती वैश्विक धाराओं को मोड़ने की ताकत देती है।”